मै तो मै हु वो नहीं और वो जो है वो मै नहीं तुझे वो चाहिए तो ठीक है कोई बात नहीं कि मै नहीं मुझे इस बात से गिला नहीं के तेरी जो पसंद है वो मै नहीं तेरे साथ था तो मै भी ‘मै ‘ था तेरे बगैर तो मै भी ‘ मै ‘ नहीं अब आईना देखता हु तो पाता हु के ये तो कोई और है,मै नहीं इश्क़ परे होता है काबिलियत से पर तू सही था,तेरे काबिल मै नहीं